छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण पुरस्कार
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| Chhattisgarh Rajya Alankaran Puraskar |
सामान्य प्रशासन विभाग
01. यति यतनलाल सम्मान
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| यति यतनलाल |
यति यतनलाल जी अहिंसा एवं गौरक्षा के प्रति समर्पित संत एवं समाजसेवी थे। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अहिंसा एवं गौरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्ति अथवा संस्था को यति यतनलाल सम्मान प्रदान किया जाता है। इस सम्मान की स्थापना वर्ष 2001 में की गई थी। इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता श्री रमेश याज्ञिक एवं श्री हरिप्रसाद जोशी थे।
02. पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान

पंडित रविशंकर शुक्ल
पंडित रविशंकर शुक्ल छत्तीसगढ़ के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी, राजनेता और अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री थे। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन तथा सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र में अभिनव प्रयत्न करने वाले व्यक्ति अथवा संस्था को पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान प्रदान किया जाता है। इस सम्मान की स्थापना वर्ष 2001 में की गई थी। इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता श्री केयूर भूषण थे।
03. महाराजा अग्रसेन सम्मान
महाराजा अग्रसेन भारतीय परंपरा में एक प्राचीन एवं आदर्श राजा, समाज-सुधारक और लोककल्याणकारी शासक के रूप में प्रसिद्ध हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्ति अथवा संस्था को महाराजा अग्रसेन सम्मान प्रदान किया जाता है। इस सम्मान की स्थापना वर्ष 2004 में की गई थी। इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता भारतीय कुष्ठ निवारण संघ, चांपा थे।
कृषि विभाग -
04. डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार
डॉ. खूबचंद बघेल छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के प्रमुख विचारकों में से एक थेे। वे किसान और सामाजिक हितों के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ की अलग पहचान और किसानों के अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। कृषि विभाग द्वारा कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार वर्ष 2001 से दिया जा रहा है। इस पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता मुंगेली के श्रीकांत गोवर्धन थे।
डॉ. खूबचंद बघेल
महिला एवं बाल विकास विभाग
05. वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति पुरस्कार
वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना थीं। उन्होंने इस स्वतंत्रता संग्राम में अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया था। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं में वीरता, शौर्य, साहस तथा आत्मबल को सशक्त बनाने के लिए वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति पुरस्कार प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार की स्थापना वर्ष 2023 में की गई थी। वर्ष 2024 में इस पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता पालीगुड़ा, जिला कबीरधाम की श्रीमती अदिती कश्यप थी।
06. माता बहादुर कलारिन सम्मान
माता बहादुर कलारिन छत्तीसगढ़ की वीर एवं साहसी महिला के रूप में प्रसिद्ध हैं। मां बहादुर कलारिन का नाम छत्तीसगढ़ में देवी के रूप में लिया जाता है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष तथा नारी उत्थान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिला को माता बहादुर कलारिन सम्मान प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार की स्थापना 2023 में की गई थी। वर्ष 2024 में इस पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता दुर्ग जिले की चित्ररेखा सिन्हा थी।
07. मिनीमाता स्मृति महिला उत्थान पुरस्कार
मिनीमाता का मूल नाम मीनाक्षी देवी था। वे छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद तथा महान समाज सेविका और समाज सुधारक थीं। उन्होंने अपना जीवन गरीबी, अशिक्षा, छुआछूत और सामाजिक पिछड़ेपन को दूर करने तथा नारी शिक्षा और महिलाओं के उत्थान के लिए समर्पित किया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिला उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाजसेवी व्यक्ति अथवा संस्था को मिनीमाता स्मृति महिला उत्थान पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इस सम्मान वर्ष 2001 में स्थापित किया गया था। इस सम्मान की प्रथम प्राप्तकर्ता बिन्नी बाई सोनकर थीं।
सहकारिता विभाग
08. ठाकुर प्यारे लाल सिंह सम्मान
ठाकुर प्यारे लाल सिंह छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानी तथा सहकारिता आंदोलन के प्रमुख प्रणेता माने जाते हैं। उन्होंने श्रमिकों और किसानों के हितों के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया। सहकारिता विभाग द्वारा सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्ति अथवा संस्था को ठाकुर प्यारे लाल सिंह सम्मान प्रदान किया जाता है। यह सम्मान 2001 में स्थापित किया गया था। इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता के रूप में संयुक्त रूप से बृजभूषण देवांगन एवं प्रितपाल बेलचंदन को सम्मानित किया गया था।
ग्रामोद्योग विभाग
09. स्वर्गीय श्री बिसाहूदास महंत सर्वश्रेष्ठ बुनकर पुरस्कार
बिसाहूदास महंत छत्तीसगढ़ के प्रमुख जननेता एवं समाजसेवी थे। उन्होंने ग्रामीण विकास और श्रमिकों के हितों के लिए उल्लेखनीय कार्य किया। ग्रामोद्योग विभाग द्वारा प्रदेश में हाथकरघा वस्त्र उद्योग को संरक्षण प्रदान करने तथा बुनकरों की कल्पनाशीलता, योग्यता एवं कारीगरी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्वर्गीय श्री बिसाहूदास महंत सर्वश्रेष्ठ बुनकर पुरस्कार प्रदान दिया जाता है। इस पुरस्कार वर्ष 2004 से दिया जा रहा है। इस पुरस्कार बेलादुला जिला रायगढ़ के मनोज कुमार देवांगन एवं कुरदा जिला जांजगीर-चांपा के ओम प्रकाश देवांगन को दिया गया था।
10. राजराजेश्वरी करूणामाता हाथकरघा प्रोत्साहन पुरस्कार
राजराजेश्वरी करुणामाता छत्तीसगढ़ की सामाजिक एवं धार्मिक विभूति थीं। उन्होंने समाज सुधार, मानव कल्याण, सामाजिक एकता तथा महिलाओं के सम्मान और उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया। ग्रामोद्योग विभाग द्वारा हाथकरघा एवं बुनकरी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बुनकरों को प्रोत्साहित करने के लिए राजराजेश्वरी करूणामाता हाथकरघा प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार के माध्यम से हाथकरघा पर उत्कृष्ट वस्त्र-बुनाई, विशिष्ट डिजाइन एवं कारीगरी के लिए बुनकरों को सम्मानित किया जाता है। यह पुरस्कार वर्ष 2020 मंे स्थापित किया गया। इस पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता संयुक्त रूप से बिलाईगढ़, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के श्री कृष्ण कुमार देवांगन तथा चंद्रपुर, जिला जांजगीर-चांपा के श्री मनहरण देवांगन थे।
संस्कृति विभाग -
11. किशोर साहू सम्मान
किशोर साहू हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता, निर्देशक, पटकथा लेखक एवं निर्माता थे। उन्होंने अभिनय, निर्देशन और लेखन के माध्यम से हिंदी सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। संस्कृति विभाग द्वारा हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय, पटकथा लेखन एवं निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति अथवा संस्था को किशोर साहू सम्मान प्रदान किया जाता है। इस सम्मान की घोषणा एवं स्थापना वर्ष 2018 में की गई थी। इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता रायपुर के मनोज वर्मा थे।
12. किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण
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| किशोर साहू |
किशोर साहू हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता, निर्देशक, पटकथा लेखक एवं निर्माता थे। उन्होंने हिंदी सिनेमा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। संस्कृति विभाग द्वारा हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि एवं दीर्घ साधना के लिए फिल्मकार को किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण प्रदान किया जाता है। इस अलंकरण की स्थापना वर्ष 2018 में की गई थी। इस अलंकरण के प्रथम प्राप्तकर्ता प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल थे।
13. देवदास बंजारे स्मृति पुरस्कार
देवदास बंजारे
देवदास बंजारे छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध पंथी नर्तक एवं लोक कलाकार थे। उन्होंने पंथी नृत्य तथा छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति को देश-विदेश में पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। संस्कृति विभाग द्वारा लोक कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों को देवदास बंजारे स्मृति पुरस्कार प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार वर्ष 2021 से प्रारंभ हुआ। इस पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता द्वारिका बर्मन थे, जिन्हें वर्ष 2022 में सम्मानित किया गया।
14. देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार
देवदास बंजारे
देवदास बंजारे छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध पंथी नर्तक एवं लोक कलाकार थे। संस्कृति विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ की लोक शैली पंथी नृत्य के प्रदर्शनकारी कला क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों एवं संस्थाओं को देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार की स्थापना 2021 में की गई थी। इस पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता गौकरण दास बघेल थे।
15. पंडित सुन्दरलाल शर्मा सम्मान 
पंडित सुन्दरलाल शर्मा
पंडित सुंदरलाल शर्मा छत्तीसगढ़ के महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और साहित्यकार थे। उन्हें छत्तीसगढ़ का गांधी भी कहा जाता है। उन्होंने जनजागरण, सामाजिक सुधार और स्वतंत्रता आंदोलन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। संस्कृति विभाग द्वारा साहित्य एवं आंचलिक साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले साहित्यकारों को पंडित सुंदरलाल शर्मा सम्मान प्रदान किया जाता है। इस सम्मान की स्थापना 2001 में की गई थी। इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता प्रसिद्ध साहित्यकार श्री विनोद कुमार शुक्ल थे।
16. राजा चक्रधर सिंह सम्मान
राजा चक्रधर सिंह
महाराजा चक्रधर सिंह रायगढ़ रियासत के प्रसिद्ध कला-प्रेमी महाराजा एवं संगीतज्ञ थे। उन्होंने शास्त्रीय संगीत और कथक नृत्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा रायगढ़ घराने को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्कृति विभाग द्वारा शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कला साधकों को राजा चक्रधर सिंह सम्मान प्रदान किया जाता है। इस सम्मान की स्थापना 2001 में की गई थी। इस सम्मान की प्रथम प्राप्तकर्ता प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका किशोरी अमोनकर थीं।
17. दाऊ दुलार सिंह मंदराजी सम्मान
दाऊ दुलार सिंह मंदराजी
दाऊ दुलार सिंह मंदराजी छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोक कलाकार और नाचा के भीष्म पितामह के रूप में प्रसिद्ध थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ी लोककला और नाचा को लोकप्रिय बनाने तथा उसके विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। संस्कृति विभाग द्वारा लोककला एवं लोकशिल्प के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को दाऊ दुलार सिंह मंदराजी सम्मान प्रदान किया जाता है। इस सम्मान की स्थापना वर्ष 2001 में की गई थी। इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता प्रसिद्ध पंडवानी कलाकार झाड़ूराम देवांगन थे।
18. छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान 
छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान
विदेशों में रहकर छत्तीसगढ़ की संस्कृति, समाज एवं प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले प्रवासी भारतीयों के योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान प्रदान किया जाता है। संस्कृति विभाग द्वारा देश के बाहर सामाजिक कल्याण, मानव संसाधन विकास, कला, साहित्य अथवा आर्थिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रवासी भारतीयों को यह सम्मान प्रदान किया जाता है। इस सम्मान पहली बार वर्ष 2005 में प्रदान किया गया था। इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता श्री चंद्रकांत पटेल थे।
19. लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार
लाला जगदलपुरी
लाला जगदलपुरी छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध साहित्यकार एवं कवि थे। उन्होंने आंचलिक साहित्य और लोक कविता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। संस्कृति विभाग द्वारा साहित्य एवं आंचलिक साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति अथवा संस्था को लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार के नियम वर्ष 2021 में बनाए गए थे तथा यह पुरस्कार पहली बार वर्ष 2022 में प्रदान किया गया। इस पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता खैरागढ़ के प्रसिद्ध वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. जीवन यदु (राही) को प्रदान किया गया था।
20. लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान
लक्ष्मण मस्तुरिया
लक्ष्मण मस्तुरिया छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोकगीतकार एवं लोक कलाकार थे। संस्कृति विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ी लोकगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान प्रदान किया जाता है। वर्ष 2024 में इस सम्मान की प्रथम प्राप्तकर्ता रायपुर की निर्मला ठाकुर बेलचंदन थीं।
21. खुमान साव सम्मान 
खुमान साव
खुमान साव छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोक संगीतकार एवं संगीत साधक थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ी लोक संगीत और लोक संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। संस्कृति विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए खुमान साव सम्मान प्रदान किया जाता है। वर्ष 2024 में इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता दुर्ग के दुष्यंत कुमार हरमुख थे।
22. हबीब तनवीर सम्मान
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| हबीब तनवीर |
हबीब तनवीर छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध रंगकर्मी, नाटककार, निर्देशक एवं अभिनेता थे। उन्होंने भारतीय रंगमंच को अपनी विशिष्ट शैली और लोकभाषा के प्रयोग से नई पहचान दी। संस्कृति विभाग द्वारा समकालीन रंगकर्म (छत्तीसगढ़ी, हिंदी एवं अन्य भाषा नाटक) के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए हबीब तनवीर सम्मान प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार की घोषणा वर्ष 2022 में तथा स्थापना वर्ष 2023 में की गई थी। वर्ष 2025 में इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता रायपुर के डॉ. कुंज बिहारी शर्मा थे।
23. डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण
तीजन बाई
डॉ. तीजन बाई छत्तीसगढ़ की विश्वप्रसिद्ध पंडवानी गायिका एवं लोक कलाकार थीं। उन्होंने पंडवानी कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने तथा छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को विश्व मंच पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। संस्कृति विभाग द्वारा पंडवानी और पारंपरिक लोककला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित करने के लिए वर्ष 2026 में डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण की घोषणा की गई है।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग
गुण्डाधूर बस्तर के प्रसिद्ध आदिवासी जननायक थे, जिन्होंने वर्ष 1910 के भूमकाल आंदोलन में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आदिवासियों का नेतृत्व किया था। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा खेलकूद के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य के खिलाड़ी अथवा टीम को सम्मानित करने के लिए गुण्डाधूर सम्मान प्रदान किया जाता है। यह सम्मान वर्ष 2001 में पहली बार प्रदान किया गया था। वर्ष 2001 में इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता वॉलीबॉल खिलाड़ी आशीष अरोरा थे।
25. महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान
महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव
महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव बस्तर के लोकप्रिय महाराजा थे। उन्होंने आदिवासियों के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष किया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा तीरंदाजी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य के खिलाड़ियों को महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान प्रदान किया जाता है। यह सम्मान 2004 से दिया जा रहा है। इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता अरविन्द सोनी एवं टेकलाल कुर्रे थे।
आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग
26. शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति सम्मान
शहीद वीर नारायण
शहीद वीर नारायण सिंह 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी माने जाते हैं। उन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए 10 दिसंबर 1857 को वीरगति प्राप्त की। आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा आदिवासी एवं पिछड़ा वर्ग के उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति अथवा संस्था को शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति सम्मान प्रदान किया जाता है। यह सम्मान वर्ष 2001 में स्थापित किया गया है। इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता आदिवासी शिक्षण समिति, पाड़ीमार थी।
27. गुरु घासीदास सम्मान
गुरु घासीदास
गुरु घासीदास छत्तीसगढ़ के महान संत और समाज सुधारक थे। उन्होंने सत्य, समानता और सामाजिक समरसता का संदेश देकर छुआछूत एवं सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध जनजागरण किया। आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में सामाजिक चेतना जागृत करने तथा अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति अथवा स्वैच्छिक संस्था को गुरु घासीदास सम्मान दिया जाता है। यह सम्मान वर्ष 2001 से स्थापित किया गया था। इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता संयुक्त रूप से डॉ. रामरतन जांगड़े एवं राजमहंत श्री जगतू सोनवानी थे।
28. डॉ. भंवर सिंह पोर्ते आदिवासी सेवा सम्मान
डॉ. भंवर सिंह पोर्ते
डॉ. भंवर सिंह पोर्ते आदिवासी समाज के उत्थान, शिक्षा एवं सामाजिक विकास के लिए समर्पित जननेता और समाजसेवी थे। आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा आदिवासियों की सेवा एवं उनके उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्था को डॉ. भंवर सिंह पोर्ते आदिवासी सेवा सम्मान प्रदान किया जाता है। यह सम्मान वर्ष 2009 से प्रदान किया जा रहा है। इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता मां भगवती वात्सल्य निकेतन थे।
29. हाजी हसन अली उर्दू साहित्य सम्मान 
हाजी हसन अली
हाजी हसन अली छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध उर्दू साहित्यसेवी एवं समाजसेवी थे। उन्होंने उर्दू भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार तथा उर्दू शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया। आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा उर्दू भाषा एवं साहित्य की सेवा तथा उसके प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति को हाजी हसन अली उर्दू साहित्य सम्मान प्रदान किया जाता है। यह सम्मान वर्ष 2004 में स्थापित किया गया था। इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता संयुक्त रूप से सैमुएल डेनियल (शौक जालंधरी) एवं सैयद रईस अहमद थे।
समाज कल्याण विभाग
30. दानवीर भामाशाह सम्मान
दानवीर भामाशाह
दानवीर भामाशाह मेवाड़ के प्रसिद्ध दानवीर तथा महाराणा प्रताप के प्रमुख सहयोगी थे। उन्होंने देश, धर्म और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपनी धन-संपत्ति समर्पित कर दी थी। समाज कल्याण विभाग द्वारा दानशीलता, सौहार्द्र एवं अनुकरणीय सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्ति अथवा संस्था को दानवीर भामाशाह सम्मान दिया जाता है। यह सम्मान वर्ष 2006 से दी जा रही है। इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता बिलासपुर सेवा भारती थे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग
धन्वन्तरी आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के प्रवर्तक एवं देवताओं के वैद्य के रूप में प्रसिद्ध हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयुर्वेद चिकित्सा, शिक्षा तथा शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्ति अथवा संस्था को धनवंतरि सम्मान प्रदान किया जाता है। यह सम्मान वर्ष 2007 में स्थापित किया गया था। इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता डॉ. महादेव प्रसाद पांडेय थे।
उच्च शिक्षा विभाग
32. संस्कृत भाषा सम्मान
संस्कृत भाषा सम्मान
संस्कृत भाषा भारतीय ज्ञान, साहित्य एवं संस्कृति की प्राचीन और समृद्ध भाषा है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार तथा संस्कृत साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्ति को संस्कृत भाषा सम्मान प्रदान किया जाता है। यह सम्मान वर्ष 2007 से दी जा रही है। इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता डॉ. पुष्पा दीक्षित थी।
श्रम विभाग
33. छत्तीसगढ़ स्व. रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार 
स्व. रामानुज प्रताप सिंहदेव
महाराजा रामानुज प्रताप सिंहदेव कोरिया रियासत के प्रसिद्ध शासक एवं समाज सुधारक थे। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि तथा जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। श्रम विभाग द्वारा श्रम के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्ति अथवा संस्था को छत्तीसगढ़ स्व. रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार वर्ष 2002 में स्थापित किया गया था। इस पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता उदय गुणवतला समूह (भिलाई स्टील प्लांट) थे।
गृह (पुलिस) विभाग
34. पंडित लखन लाल मिश्र पुरस्कार 
पंडित लखन लाल
पंडित लखनलाल मिश्र छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं देशभक्त थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अपने कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति की मिसाल कायम की। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा उनके आदर्शों एवं योगदान को स्मरण करते हुए अपराध अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी अथवा कर्मचारी को पंडित लखनलाल मिश्र पुरस्कार प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार 2008 में आर. पी. अहिरवार दिया गया था।
जनसंपर्क विभाग
35. पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान
पंडित माधवराव सप्रे
पंडित माधवराव सप्रे हिंदी पत्रकारिता के अग्रदूत, साहित्यकार एवं विचारक थे। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे मासिक पत्रिका छत्तीसगढ़ मित्र के संस्थापक थे। जनसंपर्क विभाग द्वारा पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट रचनात्मक लेखन तथा हिंदी भाषा के प्रति समर्पण भाव से रचनात्मक कार्य कर राष्ट्र का गौरव बढ़ाने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान प्रदान किया जाता है। इस सम्मान की स्थापना वर्ष 2014 में की गई थी। इस सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्ता वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक रामबहादुर राय थे।
36. चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार
चन्दूलाल चन्द्राकर
चन्दूलाल चन्द्राकर छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध पत्रकार, स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता थे। उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जनसंपर्क विभाग द्वारा हिन्दी पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार प्रिंट मीडिया (हिन्दी) और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (हिन्दी) के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार वर्ष 2001 स्थापित किया गया है। इस पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता प्रिंट मीडिया (हिन्दी) से आरती धर एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (हिन्दी) से अजयदीप सारंग थे।
37. मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार 
मधुकर खेर
मधुकर खेर छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध पत्रकार और साहित्यकार थे। उन्होंने अंग्रेजी पत्रकारिता में महत्वपूर्ण योगदान दिया और समाज सुधार तथा जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। जनसंपर्क विभाग द्वारा अंग्रेजी पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार वर्ष 2001 में स्थापित किया गया है।
विधि एवं विधायी कार्य विभाग
38. बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल पुरस्कार 
बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल
बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, विधिवेत्ता एवं समाजसेवी थे। उन्होंने विधि एवं न्याय के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा विधि (कानून) के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्ति को बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल पुरस्कार प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार वर्ष 2007 में स्थापित किया गया था।
मछली पालन विभाग
39. श्रीमती बिलासा देवी केंवट मत्स्य विकास पुरस्कार
श्रीमती बिलासा देवी केंवट
श्रीमती बिलासा देवी केंवट 16वीं शताब्दी की वीर एवं साहसी महिला थीं। जिनका संबंध बिलासपुर के मछुआरा समाज से था और वे अपने शौर्य एवं पराक्रम के लिए प्रसिद्ध थीं। मछली पालन विभाग द्वारा मछली पालन एवं मत्स्य विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्ति एवं संस्थाओं को श्रीमती बिलासा देवी केंवट मत्स्य विकास पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। यह पुरस्कार वर्ष 2006 में स्थापित किया गया था।
टीप:- यह लेख इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर बनाया गया है। जरूरी नहीं की यह 100 प्रतिशत सही हो।












